सियासत | 7-मिनट में पढ़ें
जज धर्मेंद्र राणा वही हैं, लेकिन सफूरा जरगर बनाम दिशा रवि की जमानत पर बहस अलग!
सोशल मी़डिया के इस दौर में लोग तथ्य से ज्यादा कथ्य को तरजीह देते हैं. यह बहुत आम बात हो चुकी है कि लोग अपने पूर्वाग्रहों के चलते देश की न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करने से भी नहीं चूकते हैं. इन सबके बीच गौर करने वाली बात ये भी है कि अगर किसी फैसले से लोगों के नजरिये को बल मिलता है, तो लोग उसे हाथोंहाथ ले लेते हैं. फैसला देने वाला जज लोगों के लिए 'हीरो' बन जाता है.
समाज | 5-मिनट में पढ़ें
Safoora zargar bail पर समर्थक खुश न हों, इसके पीछे तमाम नियम और शर्ते हैं!
दिल्ली दंगों की साजिश रचने के केस (Delhi riots conspiracy case) में सफूरा जरगर को जमानत (Safoora Zargar Bail) दिए जाने के बाद उनके समर्थक फूले नहीं समां रहे हैं मगर उन्हें समझना चाहिए कि जमानत की शर्तों ने सफूरा पर लगे आरोपों की गंभीरता को अंडरलाइन ही किया है.
समाज | 3-मिनट में पढ़ें



